पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने आज पंजाब कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। इस बीच केंद्रीय राज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्व वित्त मंत्री पंजाब मनप्रीत सिंह बादल को बीजेपी में शामिल कर लिया है
इसके बाद मनप्रीत सिंह बादल का नया राजनीतिक सफर शुरू होगा। इससे पहले मनप्रीत सिंह बादल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेजा था। उन्होंने ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी थी।
इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ सहित करीब एक दर्जन कांग्रेसी नेता भाजपा में शामिल हुए थे। कहा जाए कि कांग्रेस पंजाब में सत्ता से वंचित होने के बाद गुटबाजी का शिकार हो गई है। राहुल गांधी पंजाब के दौरे पर हैं और बंटी हुई कांग्रेस को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई, लेकिन राहुल की यह कोशिश रंग नहीं लाई. राहुल गांधी ने पंजाब के सभी कांग्रेस नेताओं को संदेश भेजकर फतेहगढ़ साहिब आने का न्यौता दिया.
मनप्रीत बादल को पार्टी में शामिल करके भाजपा एक मजबूत सिख चेहरे के साथ पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करेगी।
वह 1995 से 2012 तक पंजाब विधान सभा के सदस्य रहे और उन्होंने 2007 से 2010 तक प्रकाश सिंह बादल की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया है। मनप्रीत ने 2011 में प्रकाश सिंह बादल के शिरोमणि अकाली दल (SAD) से अलग होकर पंजाब पीपुल्स पार्टी बना ली थी।
मनप्रीत चार बार एमएलए चुने जा चुके हैं। हालांकि 2012 के पिछले चुनाव में वह जीत नहीं पाए थे। उन्होंने भाकपा और शिअद (लोंगोवाल) के साथ मिलकर सांझा मोर्चा बनाया था, लेकिन चुनाव में इस मोर्चे का वोट शेयर महज 6 फीसदी ही रह गया था।
इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए। 2017 में वो फिर विधायक बने और कैप्टन सरकार में एक बार फिर उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में पद संभाला।

