प्रतियोगिताएं नन्हें-मुन्हें बच्चों की सोच की प्रक्रिया को विकसित करती हैं: अनपुम कलेर
पेंटिंग मुकाबले करवाने का मुख्य बच्चो में सामाजिक जिम्मेदारिओं के बारे में जागरूकता लाना: ईशा महाजन
कपूरथला( गौरव मढ़िया )अनंदा सेवा समिति एनजीओ द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस,साइबर सुरक्षा,देखो अपना देश,मतदान हमारा अधिकार है,भारतीय सेना हमारा मान है,अपरिचित शहीद,डिजिटल इंडिया,बेहतर पर्यावरण के लिए ईंधन बचाएं,प्लास्टिक के दुष्टपरिणाम,महिला सम्मान,प्रकृति सुरक्षा,किचन गार्डनिंग आदि थीम को लेकर शुक्रवार को श्री शनि धाम मंदिर ब्रह्मकुंड में पेंटिंग मुकाबले करवाए गए।
इसमें अलग अलग स्कूलों के 110 छात्रों ने भाग लिया।कार्यक्रम में मुख्य मेहमान नगर निगम के कमिश्नर मेडम अनपुम कलेर,आरएसएस के जिला संघ चालक बलविंदर सिंह व आरएसएस जालंधर के विभाग प्रचारक नवदीप जी ने भाग लिया।इस कार्यक्रम में विशेष अथिति श्री शनि धाम मंदिर कमेटी के रमन मल्होत्रा,नथु राम महाजन,गौरव गुप्ताए,सके पूरी ने भाग लिया।इस दौरान अनंदा सेवा समिति एनजीओ के ईशा महाजन ने आए हुए अथितिओ को यादगारी चिन भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर बच्चों ने जहां अपनी विशेषताएं रंग भरने में दिखाई वहीं आश्चर्यजनक काम भी करके दिखाया।इस पेंटिंग मुकाबले में विजेता रहे बच्चो को केश ट्रॉफीज देकर सम्मानित किया गया और भाग लेने वाले सभी को बच्चो को सर्टिफिकेट दिए गए।इस अवसर पर नगर निगम के कमिश्नर मेडम अनपुम कलेर ने बच्चो को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि नन्हें-मुन्हें बच्चों में इतनी उत्साहना है,जो अलग-अलग मोर्चों पर ऐसी प्रतिभा के लिए आवश्यक है
और यह प्रयास सकारात्मक तरीके से बच्चों के विकास को बढ़ाने के लिए फायदेमंद होता है।उन्होंने ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं नन्हें-मुन्हें बच्चों की सोच की प्रक्रिया को विकसित करती हैं जिनसे उनकी पढ़ाई में चिलचस्पी को बढ़ाता है और उन्हें इससे नए आइडिए मिलते हैं जो उनके लिए उपयोगी होते हैं।उन्होंने कहा कि चित्रकला ऐसी विधा है
जिसके जरिए किसी भी विषय से संबंधित किसी भी संदेश को बयां किया जा सकता है।इस अवसर पर आरएसएस के जिला संघ चालक बलविंदर सिंह व आरएसएस जालंधर के विभाग प्रचारक नवदीप जी ने बच्चो को देश समर्पण भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर ईशा महाजन ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य था
देश भर में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जो गुमनाम हैं के बारे में बच्चो को बताना,महिला सन्मान,पर्यवरण की सुरक्षा,अपने वोट के अधिकार सबंधी जानकारी देना,देश की सेना का सन्मान,प्लास्टिक से होने वाले दुष्टपरिणाम के बारे में जागरूक करना।ईशा महाजन ने बच्चों को अपनी कला को निखारने की प्रेरणा देते हुए कहा कि वह बहुत ही सरल तरीके से समाज की कुरीतियों को दूर करने में अपना योगदान डाल सकते हैं।
ईशा महाजन ने बच्चो परिजनों से आग्रह किया कि बच्चों को प्रेरित व प्रोत्साहित करें,जिससे वह स्वयं अपनी प्रतिभा को सामने रखने के लिए आगे बढ़ें।बच्चे स्वयं कुछ करेंगे और तस्वीर छपी देखेंगे तो उनका एहसास वह खुद भी शब्दों में बयां नहीं कर सकेंगे।इस अवसर पर रेखा महाजन,रीतू कुमरा,मणि वालिया,सुनीता वालिया,मधु सूद,नीना वालिया,अंजू वालिया सारिका कपूर,कुमार गौरव महाजन,अनुपम महाजन,राधिका कुमरा,अनु आनंद,नधनी पूरी,रेशमी ठाकुर,सिमरन आदि उपस्थित थे।

