कपूरथला (टॉक हिंदुस्तान) विश्व खाद्य दिवस मौके पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से “सेहतमंद खुराक सही संतुलन की प्राप्ति’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। इस मौके पंजाब के 100 से अधिक विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भाग लिया। विश्व खाद्य दिवस 2022 का विषय “किसी को पीछे नहीं छोड़ो’ है।

साइंस सिटी की डायरेक्टर जनरल डॉ. नीलिमा जेरथ ने उपस्थित विद्यार्थियों व अध्यापकों का स्वागत करते हुए कहा कि आज 1945 में स्थापित संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। जोकि दुिनया में से भूख को जड़ से खत्म करने के लिए यत्नशील है। उन्होंने कहा कि इस संस्था क यह मानना है कि अपनी शारीरिक व मानसिक समर्था को विकसित करने के लिए भूख व कुपोषण से मुक्ति हर मनुष्य का अधिकार है।

इस विश्व व्यापी भूख को मिटाने के लिए सामूहिक यतन होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बेशक संसार में आवश्यकता अनुसार भोजन का उत्पादन होता है लेकिन फिर भी 828 मिलियन लोग अभी भी भूख से जूझ रहे है। जो विश्व की आबादी का 10 फीसदी हिस्सा है। जीरो हंगर स्थायी विकास के लक्ष्य से हम अभी भी बहुत पीछे है। विश्व खाद्य दिवस 2022 का थीम “किसी को पीछे न छोड़ो’ इस अनुसार है लेकिन उपलब्धता, सुरक्षित व पौष्टिक भोजन महत्वपूर्ण पहलू है। जिनके प्रति जानकारी देना बहुत जरुरी है। सुरक्षित भोजन के उत्पादन, खप्त के तुरंत व लंबे समय के लिए लोगों व धरती को बहुत लाभ है। सेहतमंद भोजन व सेहतमंद माताएं एक तंदरुस्त भविष्य की अगली पीढ़ी के सेहतमंद होने की अगुवाई करते है।

आज का दिन सेहतमंद खुराक को यकीनी बनाने के लिए जागरुकता व कदम उठाने की तरफ उत्साह पैदा करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। हम विश्व को बेहतर बनाने के लिए चाहे बेतहाशा तरक्की की है, लेकिन अभी दुनिया में लाखों लोग ऐसे है, जो पौष्टिक व सेहतमंद खुराक नहीं ले सकते और भोजन की असुरक्षित व कुपोषण के खतरों से जूझ रहे है।
पंजाब खेतीबाड़ी यूनिर्वसिटी के फूड एंड न्यूट्रेशन विभाग के प्रमुख प्रो.डा.किरण बैंस ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत करते हुए कहा कि नौजवान की आबादी का बढ़ रहा अनुपात जहां कम कसरत करता है, वहीं जंक व अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूज अधिक खा रहा है। बच्चों की पहली पीढ़ी को ही देख लें, जो मधुमेह रोग (डायबिटी टाइप-2) व भार बढ़ने के कारण अपने अभिभावकों से कम समय की जिंदगी व्यतीत करते है। अच्छी सेहत के लिए 8 घंटों की गहरी नींद बहुत जरुरी है। कुदरत ने दिन व रात चक्र हम सभी के लिए बनाया है। चाहें हम नौजवान हो या बर्जुग।

जंक फूड से बचने की आदत आपके पोषण व सेहत को बेहतर बनाने में सबसे बड़ा सुधार लाएगी। उन्होंने कहा कि जंक फूड के प्रयोग को घटाना समस्या का कोई हल नहीं है। एक बार इंकार करने की इच्छा कंट्रोल से बाहर हो सकती है। जिससे बहुत अधिक भी खाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अच्छी सेहत का अर्थ कम सेहतमंद भोजन के प्रयोग को घटाना व अधिक सेहतमंद भोजन के साथ-साथ तंदरुस्त रहने के लिए सरगर्म जीवन शैली व उचित नींद पैर्टन से संतुलन बनाना है।
साइंस सिटी के डायरेक्टर डॉ. राजेश ग्रोवर ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य व पोषण के लिए स्वस्थ भोजन बहुत जरूरी है। इससे कई संचारी और गैर संचारी रोगों से बचा जा सकता है। स्वस्थ आहार के लिए चीनी, नमक और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन, सेहतमंद खुराक के लिए बहुत जरुरी है।

