डिजिटल हाजिरी और ऑनलाइन शर्तों के नाम पर गरीब मजदूरों को काम से वंचित किया जा रहा है : पवन कुमार टीनू
जालंधर : केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को कमजोर करने की कड़ी निंदा करते हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि भाजपा की यह नई मजदूर-विरोधी नीति गरीब मजदूरों के साथ सीधी नाइंसाफी है। कैबिनेट मंत्री श्री मोहिंदर भगत (रक्षा सेवा कल्याण, स्वतंत्रता सेनानी एवं बागवानी) ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को कमजोर करना देश के गरीब मजदूरों के मुंह से रोटी छीनने के बराबर है। पवन कुमार टीनू, चेयरमैन पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर बैंक, ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा में किए जा रहे बदलावों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा की यह नई मजदूर-विरोधी नीति एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर इसे “वी-बी-जी राम-जी एक्ट” कर दिया है और इस नए नाम के तहत लिए जा रहे फैसले बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के बजट में लगातार कटौतियां कर गांवों की अर्थव्यवस्था को तबाह किया जा रहा है।

पवन कुमार टीनू ने बताया कि पहले मनरेगा का 100 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता था, लेकिन अब इसे 60-40 के अनुपात में बांट दिया गया है। अब 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकारों को देना होगा। इस पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने सवाल उठाया कि जब राज्यों की जीएसटी पहले ही केंद्र सरकार के पास जाती है, तो राज्य सरकारें यह 40 प्रतिशत हिस्सा कहां से लाएंगी?जिला अध्यक्ष जालंधर शहरी श्री अमृत पाल सिंह ने कहा कि मोदी सरकार बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक संकट जैसे गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जनहितकारी योजनाओं के नाम बदलने की राजनीति कर रही है।

जी.पी. सिंह, स्टेट अध्यक्ष एससी विंग, ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार योजना, जिससे करोड़ों गरीब परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है, उसका नाम बदलना केवल राजनीतिक दिखावा है, जबकि हकीकत यह है कि जमीनी स्तर पर रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं।आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा न केवल पंजाब के हक के फंड रोके गए हैं, बल्कि राज्य के विकास कार्यों में भी जानबूझकर रुकावटें डाली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सशक्त बनाने और उद्योगों को बढ़ावा देने को लेकर केंद्र सरकार के बड़े-बड़े वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा सरकार नाम बदलने की राजनीति के जरिए असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है, लेकिन आम आदमी पार्टी इस तरह की चालों को कभी सफल नहीं होने देगी। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पंजाब को उसका हक नहीं मिलता और केंद्र सरकार अपनी गरीब-विरोधी नीतियों में बदलाव नहीं करती, तब तक आम आदमी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
रोष प्रदर्शन के दौरान संदीप सैनी (दोआबा इंचार्ज), रमणीक सिंह रंधावा चेयरमैन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लोक सभा अध्यक्ष जालंधर मेयर वनीत धीर, बलकार सिंह (विधायक, करतारपुर), जरनैल नंगल (दोआबा इंचार्ज एससी विंग), नितिन कोहली (हलका इंचार्ज जालंधर सेंट्रल), राजविंदर कौर थियाड़ा (हलका इंचार्ज जालंधर कैंट), दिनेश ढल्ल (हलका इंचार्ज नॉर्थ), प्रिंसिपल प्रेम कुमार (हलका इंचार्ज), बाहरी सलमानी (चेयरमैन), सुभाष भगत (चेयरमैन, फिल्लौर), बलबीर सिंह बिट्टू (सीनियर डिप्टी मेयर), मलकीत सिंह (डिप्टी मेयर), दीपक शारदा (काउंसलर), तरनदीप सन्नी (दोआबा मीडिया इंचार्ज), आत्म प्रकाश सिंह (दोआबा मीडिया सचिव), संजीव भगत (जिला मीडिया इंचार्ज, जालंधर) सहित इंद्रवंश सिंह चड्ढा, शबनम दुग्गल, अयूब दुग्गल, रिक्की मनोचा, डॉ. अमित, विजय भाटिया, जसकरण सिंह, शोभा भगत, सुच्चा सिंह, गुरप्रीत कौर, चाहत कौर, पूनम भगत, कुमकुम तथा भारी संख्या में मनरेगा मजदूर यूनियन के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

