पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव का बिगुल बज गया है। राज्य चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव के पूरे शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में 14 दिसंबर को वोटिंग होगी और 17 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार ये चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय बैलेट पेपर से करवाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया 1 दिसंबर से नामांकन के साथ शुरू हो जाएगी।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, नामांकन (नॉमिनेशन) की प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगी। उम्मीदवार सभी वर्किंग डेज में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 4 दिसंबर दोपहर 3 बजे तक तय की गई है। इसके बाद 5 दिसंबर को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी और 6 दिसंबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। 14 दिसंबर को मतदान होगा और इसके तीन दिन बाद 17 दिसंबर को परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
आयोग ने बताया कि ईवीएम की कमी के चलते चुनाव पुराने तरीके यानी बैलेट पेपर से ही होंगे। निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, ईवीएम से चुनाव कराने के लिए करीब 40 हजार मशीनों की जरूरत थी, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध मशीनें किसी राज्य को जारी नहीं की जातीं। इसलिए हर पोलिंग बूथ पर जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए अलग-अलग दो बैलेट बॉक्स रखे जाएंगे। पूरे राज्य में कुल 19,181 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
पंजाब में चुनावी ढांचे के तहत हर जिले में एक जिला परिषद होती है, जिसके लिए कुल 357 जोन बनाए गए हैं। इसी तरह प्रदेश की 154 पंचायत समितियों में कुल 2,863 जोन निर्धारित किए गए हैं। हर जोन से एक-एक सदस्य का चुनाव होगा। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों की कुल संख्या 1 करोड़ 36 लाख 4 हजार है। चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए और उसका उसी जोन का वोटर होना अनिवार्य है।
नामांकन फीस और खर्च को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन फीस 400 रुपए और पंचायत समिति के लिए 200 रुपए तय की गई है। एससी (SC) और पिछड़ा वर्ग (BC) के उम्मीदवारों के लिए यह फीस आधी होगी। इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि उम्मीदवार ‘आजाद’ (निर्दलीय) रूप से भी चुनाव लड़ सकेंगे, जबकि पहले यह सुविधा नहीं थी। खर्च की सीमा तय करते हुए आयोग ने बताया कि जिला परिषद का उम्मीदवार अधिकतम 2 लाख 55 हजार रुपए और पंचायत समिति का उम्मीदवार 1 लाख 10 हजार रुपए ही खर्च कर सकेगा। चुनाव संपन्न कराने के लिए 96,000 पोलिंग स्टाफ और सुरक्षा के लिए 50 हजार पुलिस कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।

