करतारपुर,( जसवंत वर्मा ) स्वास्थ्य विभाग द्वारा 13 से 17 अक्तूबर तक कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (सी.पी.आर.) जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान सिविल सर्जन जालंधर डॉ. राजेश गर्ग के दिशा-निर्देशों में और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में सीएचसी करतारपुर में आयोजित किया गया। इस दौरान पूरे स्टाफ, लाला लाजपत राय नर्सिंग इंस्टीट्यूट, गुलाब देवी के स्टूडेंट्स और आम लोगों को सी.पी.आर. के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।इस अवसर पर डॉ. गगनदीप भादवाज, डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. जक्सैन, बी.ई.ई. राकेश सिंह, नर्सिंग सिस्टर जगजीत कौर, नर्सिंग ट्यूटर दीपजोत और अन्य लोग उपस्थित थे। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखविंदर सिंह ने बताया कि सी.पी.आर. एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जो दिल का दौरा या किसी अन्य गंभीर दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए की जाती है।
उन्होंने कहा कि आम लोगों को सी.पी.आर. के बारे में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है, इसी उद्देश्य से सरकार की ओर से यह विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।प्रशिक्षण सत्र के दौरान एनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रभजीत सिंह ने बताया कि सी.पी.आर. के जरिए बंद हो चुके दिल और फेफड़ों को दोबारा सक्रिय किया जाता है। उन्होंने बताया कि सी.पी.आर. शुरू करने से पहले मरीज को सुरक्षित स्थान पर लिटाया जाता है और फिर दोनों हथेलियों से उसकी छाती पर लगातार दबाव डालकर दिल की धड़कन को फिर से शुरू करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया तब तक की जाती है जब तक मरीज होश में न आ जाए या तब तक जब तक चिकित्सकीय सहायता न पहुंच जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आम लोगों को सी.पी.आर. की जानकारी होनी चाहिए ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में किसी की कीमती जान बचाई जा सके।

