करतारपुर, 15 अक्टूबर (जसवंत वर्मा ) सांप के काटने से संबंधित जागरूकता दिवस के अवसर पर, सिविल सर्जन जालंधर डॉ. राजेश गर्ग के निर्देशों और वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी डॉ. सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में, ब्लॉक करतारपुर के आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में लोगों को सांप के काटने से बचाव और इलाज के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान पीएचसी चिट्टी, फतेहजालां, गिल आदि स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों को जानकारी दी गई। इस मौके पर डॉ. परमिंदर कौर, डॉ. योगेश अरोड़ा, सी.एच.ओ. डॉ. पूरन, एल.एच.वी. सुकुंतला और ए.एन.एम. परमिंदर कौर आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी डॉ. सुखविंदर सिंह ने कहा कि सांप के काटने से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। उन्होंने बताया कि आज भी कई लोग सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक, घरेलू इलाज या तंत्र-मंत्र पर भरोसा करते हैं, जो पीड़ित की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
डॉ. सुखविंदर सिंह ने कहा कि अगर सांप के काटने के पहले 60 मिनटों में इलाज शुरू कर दिया जाए तो जान बचाई जा सकती है। सांप के काटने पर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए, जहां इसका इलाज मुफ्त में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि एंटी-वेनम इंजेक्शन सांप के काटने का सबसे प्रभावी इलाज है, जो केवल अस्पताल में ही उपलब्ध होता है। डॉ. परमिंदर कौर ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि सांप के काटने पर मरीज को शांत रखें, ज़ख्म वाली जगह को कपड़े से ढकें और स्प्लिंट से स्थिर रखें। ज़हर को मुंह से चूसने की कोशिश न करें, घरेलू इलाज या जड़ी-बूटियों का प्रयोग न करें, बर्फ, तेल या गर्म पानी का उपयोग न करें। तुरंत 108 एंबुलेंस नंबर पर कॉल करें और नजदीकी अस्पताल ले जाएं।

