जहां एक ओर पंजाब सरकार नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर खुद पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। फगवाड़ा में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां सीआईए स्टाफ फगवाड़ा के इंचार्ज बिश्मन सिंह समेत चार पुलिस कर्मियों को रिश्वत लेने और नशा तस्कर को छोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, इन पुलिस मुलाजिमों पर आरोप है कि उन्होंने एक नशा तस्कर को छोड़ने के बदले ढाई लाख रुपये की रिश्वत ली। इस मामले में पुलिस ने सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में सीआईए स्टाफ इंचार्ज बिश्मन सिंह, एएसआई निर्मल सिंह, एएसआई जसविंदर सिंह और हेड कांस्टेबल जगरूप सिंह शामिल हैं।
इस पूरे मामले पर जिले के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से पुष्टि नहीं की है, लेकिन जालंधर रेंज के डीआईजी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि उक्त पुलिसकर्मियों ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक केस में एक युवक सुखविंदर को नामजद करने की बजाय उसे ढाई लाख रुपये लेकर फरार कर दिया। डीआईजी ने बताया कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर उनका रिमांड लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इस मामले में किसी और पुलिस अधिकारी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशे के खिलाफ युद्ध जैसे अभियान के बीच यह घटना पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाली है। लोगों में अब यह सवाल उठने लगा है कि जब कानून के रक्षक ही कानून तोड़ने लगें, तो न्याय की उम्मीद कहां से की जाए?

