* एलपीयू पिछले तीन वर्षों में यूथ फेस्टिवल ट्रॉफी के लिए शीर्ष 3 में स्थान पाने वाला एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी बन गई है
* एलपीयू ने पंजाब स्टेट यूथ फेस्टिवल में 11 प्रथम, 15 दूसरे और 7 तीसरे स्थान प्राप्त किए
* पंजाब स्टेट यूथ फेस्टिवल में 20 यूनिवर्सिटी के 2,500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया
* माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाया
जालंधर; लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने एक बार फिर पंजाब स्टेट यूथ फेस्टिवल 2024 में प्रथम रनर-अप स्थान प्राप्त करके श्रेष्ठता और सांस्कृतिक के बचाने के प्रति अपने वचन को साबित किया है। पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में राज्य भर की यूनिवर्सिटियों ने युवा ऊर्जा, प्रतिभा और जीवंत पंजाबी संस्कृति का जश्न मनाया।
एलपीयू ने बेहतरीन प्रदर्शन कर 11 प्रथम स्थान, 15 दूसरे स्थान और 7 तीसरे स्थान के ईनाम जीते। जिससे यह पिछले तीन वर्षों से ओवरऑलयूथ फेस्टिवल ट्रॉफी के लिए लगातार शीर्ष 3 में स्थान पाने वाला एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी बन गया है। 20 यूनिवर्सिटी के 2,500 से अधिक प्रतिभागियों ने 51 विभिन्न कल्चर और हैरिटेज प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, यह महोत्सव युवा भावना और रचनात्मकता का एक असाधारण प्रदर्शन था। पंजाब यूनिवर्सिटी ने पहला स्थान हासिल किया।
फेस्टिवल में जसबीर जस्सी, कंवल ग्रेवाल और हरभजन मान जैसे प्रसिद्ध कलाकारों के प्रदर्शन ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। माननीय मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान की उपस्थिति ने युवाओं की भागेदार और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने में इस कार्यक्रम के महत्व को बढ़ा दिया। डॉ. अशोक कुमार मित्तल, सांसद (राज्यसभा) और एलपीयू के संस्थापक चांसलर ने पंजाब राज्य युवा फेस्टिवल में अपने असाधारण प्रदर्शन के लिए मेहनत और प्रतिभाशाली छात्रों की सराहना की। डॉ. मित्तल ने इस बात पर जोर दिया कि एलपीयू हमेशा अपने विद्यार्थियों के पूर्ण विकास को प्रोत्साहित करता है ।
कार्यक्रमों में गिद्दा, भांगड़ा, कविता, ग़ज़ल, रंगमंच और विरासत कला प्रतियोगिताओं शामिल थी। एलपीयू की ओर से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट प्रदर्शनों में नुक्कड़ नाटक, भांड, शब्द गायन, लोक समूह गान, फुलकारी बुनाई, गुड़िया-पटोला बनाना, लघु फिल्म, शास्त्रीय गायन एकल, शास्त्रीय वाद्य गैर-पर्क्यूशन और वार गायन शामिल थे।

