पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की और से पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से विश्व जल दिवस पर “विश्व शांति के लिए जल” विषय पर एक प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस अवसर पर पंजाब भर से लगभग 200 स्कूली विद्यार्थियों और अध्यापकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने में पानी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करना था। इस दौरान जल संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए छात्रों ने नुक्कड़ नाटक और कचरे से कुछ बेहतर करने की प्रतियोगिताओं के माध्यम से की अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर साइंस सिटी के निदेशक डॉ. राजेश ग्रोवर ने हमारे जीवन में पानी के महत्व के साथ-साथ पानी की कमी से उत्पन्न खतरों को रोकने के लिए जल संसाधनों पर पड़ रहे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी के लिए पानी सुरक्षित करने हितु जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि जैसे उचित उपायों के कार्यान्वयन को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर डा. ग्रोवर ने बच्चों को भविष्य में सभी के लिए जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अपने दैनिक जीवन में जल संरक्षण की दिशा में छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर भारतीय वैज्ञानिक शिक्षा अनुसंधान संस्थान, मोहाली के डॉ. अरविन्द शाक्य ने “अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं उपचार हेतु जैविक प्रौद्योगिकी” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने कहा कि जैविक प्रौद्योगिकियां पानी से अशुद्धियों को दूर करने और पानी को शुद्ध करने के लिए जीवजंतुओं की अंतर्निहित क्षमता का लाभ उठाती हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ प्राकृतिक प्रक्रियाओं का एकीकरण, ये प्रौद्योगिकियां पारंपरिक जल उपचार विधियों का एक स्थायी विकल्प हैं जो रसायनों और तीव्र प्रक्रियाओं पर अधिक निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि जैविक तकनीक से भूमिगत जल को मानकीकृत करने के लिए आर्सेनिक, अम्ल एवं लौह अयस्क आदि का सफल परीक्षण किया जा चुका है।

इस अवसर पर आयोजित नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में कमला नेहरू पब्लिक स्कूल फगवाड़ा की टीम ने पहला स्थान, एम जी एन पब्लिक स्कूल जालंधर की टीम ने दूसरा स्थान और दया नंद मॉडल स्कूल जालंधर की टीम तीसरे स्थान पर रही। इसी तरह रहंद-खानहुद से अच्छी चीजें बनाने की प्रदर्शनी में मंडी हार्डिंग गंज हाई स्कूल कपूरथला की टीम ने पहला पुरस्कार जीता, जबकि डीएवी मॉडल स्कूल कपूरथला की टीम ने दूसरा पुरस्कार और एमजीएन स्कूल जालंधर ने तीसरा पुरस्कार जीता।

