जालंधर – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने महिलाओं की उपलब्धियों और अटूट शक्ति समर्पण का जश्न मनाया गया। ‘शी राइजेज: सेलिब्रेटिंग विमेंस डे’ कार्यक्रम ‘महिलाओं में निवेश: प्रगति में तेजी लाने’ की थीम पर आधारित था।

मुख्य अतिथि के तौर पर एलपीयू की प्रो चांसलर श्रीमती रश्मी मित्तल उपस्थित हुई और महिला दिवस पर एलपीयू की पूरी महिला स्टाफ और छात्रों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्रीमती रश्मी मित्तल ने कहा कि प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं में निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिवर्तनकारी महिला सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें निर्णय लेने की स्वतंत्रता, लैंगिक समानता और शक्ति के बुनियादी मूल्य शामिल हैं।

इन आदर्शों की सरलता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इन्हें वास्तविकता में बदलने के लिए महिलाओं में पर्याप्त निवेश की आवश्यकता को रेखांकित किया। महिलाओं की शिक्षा और प्रशिक्षण में निवेश करके, हम परिवारों और समग्र रूप से राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने महिलाओं को अधिक प्रगतिशील समाज की नींव रखते हुए स्व-शिक्षा और आत्मनिर्भरता की यात्रा शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान कल्चर प्रोग्राम पेश किया, जिसमें भारत की नई कहानी लिखने में योगदान देने वली महिलाओं के जीवन और योगदान की एक जीवंत कहानी पेश की गई। छात्रों ने इंडियन ग्रुप सांग, वेस्टर्न सोलो सांग, शास्त्रीय नृत्य, कवि सम्मेलन और नृत्य और माइम के मनमोहक प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एक थीम नृत्य, ‘ए डांस फॉर मदर इंडिया’ में छात्रों ने स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य प्रभावशाली महिलाओं की कहानियों को उत्कृष्टता से चित्रित किया, जिन्होंने भारत की कहानी को नया आकार दिया है। माइम की कला के माध्यम से, दर्शकों ने अरूणिमा सिन्हा की उल्लेखनीय यात्रा देखी, जिसमें ट्रेन में लुटेरों के साथ एक दर्दनाक मुठभेड़ से लेकर माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त करने वाली पहली विकलांग महिला बनने तक के सफर को पेश किया गया। इस दौरान सभी महिलाओं के लिए मनोरंजक खेल और फैशन शो का भी आयोजन किया गया।

