अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण-प्रतिष्ठा दिवस 22 जनवरी को शहर की सफाई व्यवस्था हो बेहतर – बलविंदर सिंह
कपूरथला ( गौरव मढ़िया ) देश भर में आगामी पौष शुक्ल, द्वादशी, विक्रम संवत 2080, सोमवार दिनांक 22 जनवरी, 2024 के शुभदिन, प्रभु श्रीराम के बाल रुप नूतन विग्रह को, श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे नवीन मंदिर भूतल के गर्भगृह में विराजित करके होने वाली प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसी क्रम में कपूरथला में भी इस पावन पर्व को मनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तैयारी हो रही है। इस पवित्र दिन शहर की सफाई व्यवस्था और सुन्दरता को बरकरार रखने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र जिला कपूरथला के नगर संयोजक विकास बजाज की अध्यक्षता में समिति के सभी सदस्यों ने नगर निगम कपूरथला के कमिश्नर अनुपम कलेर को ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर बलविंदर सिंह ने कहा कि आज तक देशवासियों द्वारा दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है, इसलिए आज 496 वर्षों बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र जी के मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की शुभ घड़ी आ रही है। इसलिए यह सभी देशवासियों का कर्तव्य है कि वह इस अवसर को महा-दीपावली के रुप में मनाकर भगवान का अशीर्वाद प्राप्त करें। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र जिला कपूरथला के सह संयोजक चेतन सूरी ने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत ही सौभाग्यशाली है जिसे श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण देखने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
आज की पीढ़ी गर्व से कह सकती है कि हमने भव्य राम मंदिर की एक-एक ईंट को लगते देखा है। सबसे ज्यादा सौभाग्य की बात है कि आज की पीढ़ी कह सकती है कि हमने अपने आराध्य राम को टेंट के मंदिर से भव्य राम मंदिर में विराजमान होते देखा है। ये दिन देखने के लिये ना जाने कितनी पीढ़ियों ने संघर्ष किया होगा और न जाने कितने रामभक्तों ने अपना लहू बहाया होगा। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए 22 जनवरी को अपने आस-पास सफाई व्यवस्था बनाये रखने का अहवान किया। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र समिति कपूरथला के नगर संयोजक विकास बजाज ने कहा कि हम सब भारतवासी सभी विवादों और कटुता को पीछे छोड़ दें और सद्भाव और शांति को गले लगाएं।
इसी दिशा में देश के समस्त वर्गों को श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण को उत्सव की तरह मनाना चाहिये और सम्पूर्ण विश्व में देश की एकता और अखण्डता का सन्देश देना चाहिये। भगवान श्रीराम चंद्र जी के जीवन से सभी को भक्तिभाव के पथ पर चलने की सीख लेनी चाहिए और मर्यादा का पाठ सीखना चाहिए। भगवान श्रीराम चंद्र जी ने अपने जीवन का उद्देश्य अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करना बताया है। 22 जनवरी को अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां चल रही हैं तो दूसरी कई संगठन इस कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयारियां शुरु कर दी हैं। अब प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत घर-घर जाकर अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण दिया जा रहा है,
उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के दिन अपने घरों पर दीपोत्सव करने की अपील की। चोपड़ा ने बताया कि विशेष पत्रक के माध्यम से शहरवासियों से अपील की गयी है कि लोग प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या न पहुंचे। प्राण प्रतिष्ठा के दिन क्या करें इस बात की जानकारी भी पत्रक में दी गयी है। बांटे जाने वाले पत्रक में ये कहा गया है कि लोग उस दिन अपने घर के पास के मंदिर में आयोजन करें। अपने घर में दीपावली मनाएं, 22 जनवरी को होने वाला अयोध्या में भगवान राम लला प्राण प्रतिष्ठा समारोह नव वर्ष की सबसे ऐतिहासिक दिन है।
आज सारे राष्ट्र में राम मंदिर की भावना और उत्साह हिलोरें ले रहा है। उन्होंने कहा कि 2024 का वर्ष इतिहास में लिखा जाएगा और सतयुग की प्रतिध्वनि सुनाई देगी और करोड़ों भारतवासी उस पल के साक्षी बनेंगे जब 22 जनवरी को रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। आज पूरे देश में राम के वनवास से अयोध्या में वापस लौटने जैसा माहौल है। इसलिए आज राजनीति से ऊपर उठ कर पूरे भारत के राम मंदिर निर्माण के सपने को पूरा होने पर अपने अपने इलाको में दीपमाला करनी चाहिए। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, विजय खोसला, राकेश चोपड़ा, चेतन सूरी, अनुरुद्ध कुमरा, विकास बजाज व अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे।

