एलपीयू 2024 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस की दूसरी बार मेजबानी करने के लिए है तैयार
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) जोकि अकादमिक बेहतरी और इंनोवेशन के लिए एक प्रसिद्ध संस्थान है, 3 से 5 जनवरी, 2024 तक 109वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। एलपीयू अब दूसरी बार इस प्रतिष्ठित इंडियन साइंस कांग्रेस की मेजबानी करेगा। इससे पहले यह एलपीयू में साल 2019 में आयोजित हुई थी।
भारतीय विज्ञान कांग्रेस देश की सबसे बेहतरीन वैज्ञानिक सभाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है, जो ज्ञान के आदान प्रदान और इंनोवेशन को बढ़ावा देती है और वैज्ञानिक समुदाय में सहयोग को प्रोत्साहित करती है। एलपीयू में होने वाली 109वीं आईएससी का विषय, ‘टिकाऊ भविष्य के लिए विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर वैश्विक नज़रिया’; आधुनिक दुनिया की चुनौतियों से निपटने में वैश्विक सहयोग और इंनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है।
दूसरी बार इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेजबानी वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए एलपीयू की अटूट प्रतिबद्धता को उजागर करती है, जो भविष्य के लीडर्ज और इनोवेटर्ज को आगे लाने के यूनिवर्सिटी के मिशन के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।
पंजाब में स्थित, एलपीयू इंनोवशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के प्रति अपने विशेष समर्पण के लिए पहचाना जाता है। नैक की ‘ए प्लस प्लस’ मान्यता के साथ एक बहु-विषयक विश्वविद्यालय के रूप में, एलपीयू ऐसे बड़े आयोजन के लिए एक आदर्श स्थल है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के साथ सहयोग के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता ने इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मान्यता दिलाई है, जिसमें टाइम्स हायर एजुकेशन विश्व रैंकिंग में इसकी भारत में शीर्ष रैंकिंग भी शामिल है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक चांसलर और राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने एलपीयू द्वारा दूसरी बार प्रतिष्ठित 109वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी करने पर उत्साह व्यक्त किया। डॉ. मित्तल ने कहा, “हमें एक बार फिर अपने परिसर में प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान कांग्रेस आयोजित करने पर बेहद गर्व और सम्मान महसूस हो रहा है। पिछली साइंस कांग्रेस को भारतीय इतिहास में एक ऐतिहासिक इवैँट के रूप में दर्ज किया गया है, जहां ‘जय अनुसंधान’ का नारा पहले से मौजूद प्रतिष्ठित नारों जय किसान, जय जवान और जय विज्ञान में जोड़ा गया। यह वास्तव में वैज्ञानिक प्रगति की दिशा में हमारे देश की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।”
डॉ. मित्तल ने आगामी कार्यक्रम के प्रति आशा व्यक्त करते हुए कहा, “नव वर्ष की साइंस कांग्रेस हमारे युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए अपने इन्नोवेटिव कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए एक अमूल्य मंच प्रदान करने के रूप में काम करेगी। हमारा मानना है कि यह अनुभव जांच और इनोवेशन की एक नई भावना को प्रेरित करेगा और भारत के वैज्ञानिक समुदाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”
109वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में विविध वैज्ञानिक सत्र, प्लेनरी वार्ता और इंटरैक्टिव कार्यशालाएं शामिल होंगी। देश और विदेश से विभिन्न विषयों के प्रख्यात वैज्ञानिक, विद्वान और नीति निर्माता अपने ज्ञान, विशेषज्ञता और अनुभव को साझा करके इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

