बठिंडा के गांव बुर्ज महमा में किसानों को रोकने गए एक सरकारी अधिकारी से ही किसानों ने पराली जलवाई। इसका वीडियो भी बनाया गया जो वायरल हो गया। इस मामले में सीएम भगवंत मान ने कड़ा रुख अपनाया है।
मान ने इस पूरे मामले का वीडियो शेयर कर कहा-प्यारे पंजाबियों ये किस राह पर चल पड़े ??…सरकारी कर्मचारी पराली ना जलाने का संदेश लेकर गया पर उसी से आग लगवा दी…हवा को गुरु साहिब ने गुरु का दर्जा दिया…हम इस दर्जे को बर्बाद करने के लिए अपने हाथों में तीलियां लेकर अपने बच्चों के हिस्से की ऑक्सीजन को खत्म करने में लगे हैं…पर्चा दर्ज होने लगा है।

इसके बाद डीसी शौकत अहमद परे एवं एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने वीडियो में दिखाई दे रहे किसानों की पहचान के लिए पुलिस को आदेश जारी कर दिए। पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के नेता राम सिंह समेत बारह से अधिक किसानों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से अपने एक अधिकारी की अगुवाई में एक टीम को गांव बुर्ज महमा में जाकर किसानों को पराली ना जलाने का संदेश देने एवं उनको जागरूक करने के लिए भेजा गया था। जैसे ही उक्त अधिकारी गांव बुर्ज महमा में पहुंचे तो वहां पर एकत्र भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के नेता राम सिंह और अन्य किसानों ने एक अधिकारी को घेरकर उससे जबरदस्ती पराली को आग लगवाई। वायरल वीडियो में उक्त अधिकारी स्पष्ट बोल रहे हैं कि आप ऐसा मत करो लेकिन किसानों ने उनकी एक नहीं सुनी और जबरदस्ती माचिस हाथ में पकड़वा कर पराली को आग लगवा दी।
एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना का कहना था कि पुलिस ने उक्त वीडियो को अपने कब्जे में ले लिया है। वीडियो में दिखाई दे रहे किसानों की पहचान करनी शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने बताया कि ये किसान भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर से संबंधित हैं। पुलिस ने यूनियन के नेता राम सिंह समेत अन्य किसानों पर केस दर्ज कर लिया है। एसएसपी ने कहा कि उक्त किसानों के हथियारों का लाइसेंस कैंसल करने के लिए डिप्टी कमिशनर को लिखा जाएगा।
डिप्टी कमिशनर शौकत अहमद परे ने कहा कि अधिकारी से जबरदस्ती पराली को आग लगवाने वाली वीडियो में दिखाई दे रहे सभी किसानों की पहचान कर पता लगाया जाएगा कि किस किस के पास हथियारों का लाइसेंस है। जिन किसानों के पास भी हथियारों का लाइसेंस होगा उसको तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाएगा।

