मिलनी का मुख्य उद्देश्य राज्य में आसानी से कारोबार करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना
डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने 14 सितंबर को बाठ कैसल में होने वाली ‘सरकारी-औद्योगिक’ मीटिंग के संबंध में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों का जायज़ा लिया । दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
बाठ कैसल में तैयारियों का जायजा लेते हुए डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को उक्त महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा क्योंकि इसमें दोआबा क्षेत्र से औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण हस्तियां भाग ले रही है।

सारंगल ने कहा कि जालंधर में 55000 से अधिक औद्योगिक यूनिट हैं जो मशीन और हैंड टूल्स उत्पादन के क्षेत्र में भारत में नंबर एक हैं और 1200 करोड़ से अधिक का निर्यात करके भारतीय निर्यात बाजार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का योगदान दे रही हैं। इसके इलावा, जालंधर दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को खेल उपकरण सप्लाई करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि जालंधर में ऑटो और ऑटो कंपोनेंट उद्योग बहुत मजबूत है और यहां 150 से अधिक ऑटो कंपोनेंट विनिर्माण इकाइयां और 15 मूल उपकरण निर्माण सप्लायर है। उन्होंने यह भी कहा कि जालंधर में सर्जिकल सामान और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में भी कौशल लेबर उपलब्ध है।

डिप्टी कमिश्नर ने उद्योगपतियों को इस कार्यक्रम का अधिक से अधिक लाभ उठाने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन उद्योगपतियों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध है।
उन्होंने प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘सरकार-औद्योगिक’ मिलनी कार्यक्रम राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में आसानी से कारोबार करने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध करवाना है ।

